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आईईडी प्रबंधन संस्थान पुणे

आईईडी प्रबंधन संस्थान, केरिपुबल पुणे (महाराष्ट्र) की स्थापना, 23 फरवरी 2012 को हुई। यह संस्थान आईईडी के क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, राज्य पुलिस और अन्य केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कार्मिकों को काउंटर आईईडी प्रशिक्षण के केन्द्र बिन्दु के रूप में काम कर रहा है। इस संस्थान को दो बार वर्ष 2017 व 2019 में FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया हैं।

स्थान

IIM, मुंबई - पुणे राजमार्ग पर पुणे शहर से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित है। पुणे हवाई अड्डा संस्थान से लगभग 40 किमी दूर है जबकि पुणे रेलवे स्टेशन 33 किमी दूर है।

भूमिका और जिम्मेदारियाँ

  • क्षमता निर्माण (Capacity Building) - प्रशिक्षित बीडीडी कार्मिकों का एक रिजर्व बनाना।
  • आईईडी विस्फोट के बाद उसका विश्लेषण करना। (Post Blast Analysis)
  • बल और अन्य सहयोगी एजेंसियों के बीडीडी के साथ-साथ जीडी कार्मिकों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम आयोजित करना। (Course Designing)
  • IED के क्षेत्र में कुशल प्रशिक्षक तैयार करना।
  • क्षेत्र में शामिल करने के उद्देश्य से, विभिन्न नए उपकरणों का परीक्षण करना। (Trial & Demonstration)
  • आईईडी नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सेक्टर आईईडी सलाहकार का मार्गदर्शन करना।
Image of IED Management

कमान संरचना

संस्थान का नेतृत्व उप महानिरीक्षक करते हैं और कमांडेंट, चार उप कमांडेंट और दो सहायक कमांडेंट द्वारा समर्थित होते हैं। संस्थान में कुल 42 अधिकारी और अन्य रैंक कार्मिक हैं और वर्तमान में इनका नेतृत्व श्री राजीव कुमार उप महानिरीक्षक कर रहे हैं।

प्रशिक्षण गतिविधियाँ

Sl. No. Name of the Course Duration Participants
1 Senior Officer C-IED Module 1 Day Commandant to IG
2 Basic C-IED Course 5 Weeks GOs/SOs/ORs
3 Advanced C-IED (ToT) Course 4 Weeks GOs/SOs/ORs
4 C-IED Refresher Course 2 Weeks GOs/SOs/ORs
5 C-IED Search & Detection Course 1 Week SOs/ORs
6 Urban Scenario IED Module 2 Weeks GOs/SOs/ORs
7 Post Blast Studies 1 Week GOs/SOs
8 C-IED Module for DAGOs 1 Week GOs
9 Online C-IED Familiarization Course 2 Days GOs
10 C-IED Sensitization Module for SANJY 3 Days SOs/ORs
11 Special Course for Faculty Enrichment 5 Weeks GOs/SOs/ORs

उपलब्धियां और पुरस्कार

  • वर्ष 2025 में "सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान" ट्रॉफी से सम्मानित।
  • वर्ष 2026 में सीबीसी द्वारा "उत्कृष्ट" प्रशिक्षण संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त।
  • सीआरपीएफ हेतु 185 बीडीडी (बम डिटेक्शन एवं डिस्पोजल स्क्वाड) स्क्वाड का गठन।
  • मई 2025 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना की गई तथा सीआरपीएफ की छत्तीसगढ़ स्थित बटालियनों के 810 कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
  • सभी सुरक्षा बलों में बीडीडी में 14,000 से अधिक कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया।
  • 69वीं एआईपीडीएम, नागपुर (मार्च 2026) में आईआईएम पुणे के मार्गदर्शन में एंटी-सैबोटाज चेक (एक्सेस कंट्रोल) में स्वर्ण पदक तथा एआईपीडीएम 2025 में रजत और कांस्य पदक प्राप्त किया।
  • एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग पुरस्कार दो वर्षों—2017 एवं 2019 में प्राप्त।
  • एनएसजी सीआईईडी इनोवेटर अवार्ड पाँच वर्षों—2020, 2021, 2022, 2023 एवं 2025 में प्राप्त।
  • वर्ष 2023 में आयोजित जी-20 के दौरान सफल एएससी के लिए आईआईएम द्वारा किए गए योगदान की दिल्ली पुलिस आयुक्त, भारत सरकार द्वारा सराहना की गई है।
  • अमरनाथ जी यात्रा, SANJY, GPE (चुनाव) और AE आदि जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों के लिए सुरक्षा बलों को तैयार करना।
  • मॉडल रूम एवं उपकरण गैलरी का आधुनिकीकरण।

ट्रेनिंग क्षमता

इस संस्थान में दी जाने वाली ट्रेनिंग बहुत खास और ऑपरेशन पर केंद्रित होती है, और यह देश के मौजूदा सुरक्षा माहौल के हिसाब से होती है। संस्थान ने बम का पता लगाने और उसे नष्ट करने (Bomb Detection and Disposal) के खास काम में 14,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी है। खास कोर्स में 15% सीटें BPR&D को दी जाती हैं, जो बाद में दूसरे CAPF और राज्य पुलिस संगठनों को आवंटित की जाती हैं।

संस्थान ने MHA की सलाह पर मित्र देशों (जैसे नेपाल) के लोगों और जानकारी हासिल करने के दौरे पर आए दूसरे विदेशी लोगों को भी ट्रेनिंग दी है। इस तरह, अब तक इस संस्थान ने दिल्ली, UP, बिहार, केरल, J&K, महाराष्ट्र जैसे राज्यों की पुलिस और SPG, NSG, ग्रेहाउंड्स, ऑक्टोपस जैसे प्रमुख संगठनों के लगभग 1,200 लोगों को ट्रेनिंग दी है, जो इसके अखिल भारतीय स्वरूप को साफ तौर पर दिखाता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर

संस्थान में अत्याधुनिक एकेडमिक और ट्रेनिंग सिस्टम है, जिसमें टेक्नोलॉजी से लैस मॉडल रूम, आर्काइव गैलरी, डिमोलिशन विंग, इक्विपमेंट गैलरी, मॉडर्न क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, कॉन्फ्रेंस हॉल, लाइब्रेरी, दो मॉड्यूलर IED रेंज, एडवांस्ड R&D लैब, ऑनलाइन क्लास के लिए स्टूडियो वगैरह शामिल हैं।

स्पेशलाइज़ेशन

संस्थान धमाके के बाद की जांच (Post Blast Analysis) का खास काम करता है और सभी संबंधित पक्षों (जैसे MHA, BPR&D, SVPNPA, CME, सभी CAPF और IED की समस्या से प्रभावित सभी जिलों के SP) को जर्नल/गाइड/केस स्टडी/iGot वीडियो के जरिए तकनीकी जानकारी देता है।

पॉलिसी बनाना

i) संस्थान को काउंटर IED डिटेक्शन और डिस्पोजल इक्विपमेंट के लिए QR/TD बनाने और उनके ट्रायल करने की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन इक्विपमेंट को बाद में MHA मंजूरी देता है ताकि सभी CAPF उन्हें खरीद सकें।

ii) भारत सरकार की ओर से, ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधिमंडल ने 2017 में ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और बेहतरीन तरीकों को साझा करने के लिए इस संस्थान का दौरा किया था। इस संस्थान के प्राचार्य ने सिंगापुर और UK में IED से जुड़े मामलों पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर हिस्सा लिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका

आईईडी प्रबंधन संस्थान (IIM) देश में काउंटर-आईईडी क्षमता एवं कार्यप्रणाली को सुदृढ़ तथा विकसित करने में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। गृह मंत्रालय (MHA) के स्तर पर IIM द्वारा डेटा संग्रहण, डेटा विश्लेषण, क्षेत्रीय अनुभवों एवं केस स्टडी का अध्ययन, उभरते आईईडी ट्रेंड्स की पहचान तथा ऑपरेशनल बेस्ट प्रैक्टिसेज के संकलन एवं प्रसार के माध्यम से काउंटर-आईईडी ऑपरेशन्स की रणनीति एवं कार्यप्रणाली को विकसित करने में योगदान दिया जा रहा है।

IIM द्वारा राज्य पुलिस बलों, CAPFs एवं सशस्त्र बलों के BDDS कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं क्षमता-वर्धन कार्यक्रम आयोजित कर उनकी तकनीकी दक्षता, परिचालन तत्परता एवं पेशेवर क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।

इसके अतिरिक्त, IIM द्वारा G-20, SANJY जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान काउंटर-आईईडी सुरक्षा तैयारियों के लिए योजना निर्माण, समन्वय, पर्यवेक्षण एवं परिचालन तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाई गई है, जिससे विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय एवं कार्यक्रमों का सुचारु एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

इन बहुआयामी प्रयासों के माध्यम से IIM राष्ट्रीय स्तर पर काउंटर-आईईडी ज्ञान, प्रशिक्षण, क्षमता-वर्धन, अंतर-एजेंसी समन्वय एवं परिचालन तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

इनोवेशन/संशोधन का काम

संस्थान ने R&D गतिविधियों में खास कोशिशें कर उपकरण विकसित किए हैं और यूज़र ऑर्गनाइज़ेशन को सेवाएं दी हैं, जिसके लिए उसे लगातार पांच साल तक NSG C-IED इनोवेशन अवॉर्ड मिला है।