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                                           अपर महानिदेशक का संदेश

 यहां पूर्वोत्तर अंचल की स्थापना 16 दिसम्बर 2009 को पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात केरिपुबल के सभी संस्थाओं के उचित संचालन तथा प्रशासनिक मामलों की निगरानी के उद्देश्य से की गई। वर्तमान में पूर्वोत्तर अंचल के अंतर्गत चार सेक्टर आठ रेंज पॉंच समूह केन्द्र  तीन कम्पोजिट अस्पताल  35 जीडी बटालियन तथा 01 कोबरा बटालियन कार्यरत हैं।

 

            भारत का उत्तर-पूर्व खूबसूरत पहाड़ियों तथा हरे-भरे मैदानी इलाकों के साथ-साथ दुर्लभ जीवों तथा वेशकीमती वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध रहा है। देश का यह भू-भाग पर्यटन के साथ-साथ लघु उद्योग-धंधों के लिए विकास की पूरी संभावना वाला क्षेत्र है परन्तु आजादी के बाद से यह क्षेत्र जनजातीय संघर्ष के क्षेत्र में बदल गया। समृद्धि और विकास के स्थान पर यहॉं उग्रवाद तथा अलगाववाद फलने फूलने लगा। परंपरागत रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों का संघर्ष जनजातीय आकांक्षाओं और उससे उत्पन्न अलगाववाद का परिणाम रहा है तथा इस अलगाववाद को नैतिक आर्थिक तथा राजनैतिक तौर पर समर्थन हमारे पड़ोसी देशों से प्राप्त होता रहा है। केरिपुबल की तैनाती इस उग्रवाद के शुरूआत के समय से ही यहॉं पर रही है एवं इन राज्यों के उग्रवाद के चरमोत्कर्ष के कठिन समय का साक्षी के.रि.पु.बल रहा है।

 

            हाल के वर्षों में उत्तर-पूर्व के विद्रोह को काफी हद तक काबू कर लिया गया है जिसके कारण यहॉं के सामान्य सुरक्षा परिदृश्य में काफी हद तक सुधार हुआ है। कई विद्रोही समूहों ने केंद्र सरकार  तथा राज्य सरकारों के साथ शांति समझौते भी किये हैं। इसके अतिरिक्त कई विद्रोही समूह अपना जनसमर्थन खो चुके हैं तथा वित्तीय संकट के कारण अपने अस्तित्व को बचाने हेतु संघर्षरत है।

 

            के.रि.पु. बल, विद्रोही समूहों को आक्रामक रूप से मुकाबला करने के अतिरिक्त विभिन्न तरह के मानवीय उत्थान के कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों के दिलों में स्थान बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है ताकि आम जनता के बीच आपसी विश्वास की एक परंपरा विकसित हो सके। के.रि.पु. बल बाढ़ या अन्य किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के समय में ग्रामीण आबादी को हरसंभव सहायता भी प्रदान करता रहा है। के.रि.पु. बल स्थानीय आबादी के साथ एक अच्छा तालमेल विकसित करने के लिए नियमित तौर पर अंदरूनी दूरदराज के इलाकों का दौरा कर रही है। कोविड-19 की सर्वव्यापी महामारी के दौरान इस बीमारी की श्रृंखला को तोड़ने के लिए उच्च स्तर की कर्तव्य-परायणता का परिचय दिया एवं गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों को दैनिक आधार पर भोजन तथा अन्य जरूरती सामग्री भी वितरित किए। के.रि.पु.बल के द्वारा अंदरूनी गॉंवों में कोविड-19 के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए गए एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क हैण्ड सैनिटाइजर का वितरण भी किया गया। नागरिक कार्य योजना (सिविक एक्शन कार्यक्रमों) के माध्यम से बल ने कई प्रकार के कार्यक्रमों की शुरूआत भी की है जो लम्बें समय तक फलदायी होगा।

 

      मैं उत्तर-पूर्व को हिंसा से मुक्त रखने तथा इस क्षेत्र में शांति स्थापना के हमारे सतत प्रयासों को जारी रखने के प्रति आशावान हूॅं।

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