श्री महेश चंद्रा लड्ढा , भा.पु.से

श्री महेश चंद्रा लड्ढा , भा.पु.से

पुलिस महानिरीक्षक, सभापति एन.सी.डी.ई

सभापति संदेश

दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय केंद्र
ncde दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय केंद्र



 उद्देश्य


1. अग्रणी केरिपुबल दिव्यांग योद्धा कौशल/पुनः कौशल केंद्र की स्थापना के लिए केरिपुबल संस्थान/स्थान का चयन करना।

2. रंगारेड्डी में स्थापित कौशल/पुनः कौशल केंद्र में भाग लेने के लिए अर्हता प्राप्त करने हेतु केरिपुबल के दिव्यांग योद्धाओं के लिए चयन मानदंड।

3. हमारे दिव्यांग योद्धाओं की स्क्रीनिंग, परामर्श/मार्गदर्शन/प्रेरणा और पुनर्वास करना

4. प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाना तथा मूल्यांकन, पर्यवेक्षण, निगरानी के दिशानिर्देश तैयार करना और इसके लिए समय अवधि निर्धारित करना।

5. उन्हें विभिन्न आईटी कौशल, एआई, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस में प्रशिक्षण प्रदान करना और विभिन्न कौशल जैसे संगीत, कम्पेयरिंग, पेंटिंग, ऑर्केस्ट्रा, एंकरिंग इत्यादि में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने में सक्षम बनाना तथा उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रमाण-पत्र दिलाना।

6. विभिन्न पैरा-स्पोर्ट्स में भाग लेने और प्रशिक्षण करने के लिए इच्छुक व योग्य दिव्यांग योद्धाओं का चयन करना तथा एक बार इसमें शामिल होने के बाद प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रशिक्षित हो सकते हैं।

7. विकलांगता और पद के अनुसार सुलभ व बाधा मुक्त आवास और रहने की स्थिति, सुलभ प्रषाधन/शौचालय आदि का विकास करना।

8. आवश्यक संशोधनों के साथ सुलभ व बाधा मुक्त परिवहन प्रदान करना।

9 उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करने के लिए एक आरोग्य/स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली विकसित करना/उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता व विषेशज्ञता जैसे अंग सुधार/कृत्रिम अंग/उपकरण प्रदान करना।

10. मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण, जिसमें प्रोस्थेटिक/ऑर्थोटिक मार्गदर्शन और फिजियोथेरेपी शामिल हो, उपलब्ध कराना ताकि उनकी विकलांगता आदि के अनुकूल हो सके।

11. संबंधित/जिम्मेदार समितियों/कार्य करने वाले कर्मचारियों को डिटेल करने और संरचनात्मक सेट अप, गैर सरकारी संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन/लाभ संगठनों के लिए नहीं इत्यादि, अन्य संगठनों/गैर सरकारी संगठनों इत्यादि के कुशल कार्मिक/प्रषिक्षक को काम पर रखने हेतु, दिव्यांग योद्धा कौषल व पुनः कौषल केंद्र की जिम्मेदारी और इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए बजटीय प्रावधान रखने हेतु दिशानिर्देश तैयार करना।

 


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