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महानिरीक्षक(सी.टी.सी-03)

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प्रशिक्षण मुदखेड़

 

 

 

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हमारे बारे में

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्थान का ऐतिहासिक महत्व

 

·         सचखंड गुरूद्वाराण् 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने गोदावरी नदी के तट पर इस गुरुद्वारे के निर्माण का आदेश दिया थाए जहां गुरु गोबिंद सिंह ने अंतिम सांस ली। नांदेड़ में इस गुरुद्वारा को लोकप्रिय रूप से सचखंड के रूप में जाना जाता है जिसका महत्व सत्य के दायरे के रूप में किया जाता है। यह यात्रा गाइड में दूर का स्थान हैए लेकिन अगर आप अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाद सिख धर्म के दूसरे सबसे पवित्र स्थानों को देखने के इच्छुक हैं तो यह जरूरी है कि औरंगाबाद के दक्षिण पूर्व में 250 किलोमीटर पर नांदेड़ में सचखंड श्री हजूर अचल नगर साहिब एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका आंतरिक गर्भगृहए जिसे अंगीठा साहिब कहा जाता हैए यह वह जगह है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह का अंतिम संस्कार किया गया था।

 

·         श्री पी0सी0 जोषी, अपर पुलिस उप महानिरीक्षक ने इस संस्थान के प्रथम प्राचार्य के रूप में कार्यभार संभाला। वर्श 2001 व वर्श 2002 में यह संस्थान केरिपुबल में उत्तम प्रषिक्षण संस्थान चुना गया तथा निर्देषात्मक उत्कृश्टता ट्राफी जीती। सीधे नियुक्त हुए अधिनस्थ अधिकारियों के 18 कोर्स क्रम संख्या 71 से 80, 84, 86, 87 व 88 इस संस्थान में चलाये गये तथा 2499 प्रषिक्षाथी ने बेसिक प्रषिक्षण किया। मंत्रालियक कर्मचारियों के कोर्स क्रम संख्या 1 से 25 तक चलाये गये तथा 1354 प्रषिक्षाथी ने बेसिक प्रषिक्षण करके पास हुए। उपरोक्त बेसिक कोर्सो के अतिरिक्त, संस्थान द्वारा विभिन्न प्री-पदोन्नती कोर्स, सेवा में आवष्यक विभिन्न कोर्स जैसे- ड्रिल इंसट्रक्टर कोर्स, नेवीगेसन स्किल कोर्स, षूटिंग स्किल कोर्स, कमांडो कोर्स का भी लगातार प्रषिक्षण दिया जा रहा है।

 

 

सचखंड गुरूद्वारा. 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने गोदावरी नदी के तट पर इस गुरुद्वारे के निर्माण का आदेश दिया थाए जहां गुरु गोबिंद सिंह ने अंतिम सांस ली। नांदेड़ में इस गुरुद्वारा को लोकप्रिय रूप से सचखंड के रूप में जाना जाता है जिसका महत्व सत्य के दायरे के रूप में किया जाता है। यह यात्रा गाइड में दूर का स्थान हैए लेकिन अगर आप अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाद सिख धर्म के दूसरे सबसे पवित्र स्थानों को देखने के इच्छुक हैं तो यह जरूरी है कि औरंगाबाद के दक्षिण पूर्व में 250 किलोमीटर पर नांदेड़ में सचखंड श्री हजूर अचल नगर साहिब एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका आंतरिक गर्भगृहए जिसे अंगीठा साहिब कहा जाता हैए यह वह जगह है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह का अंतिम संस्कार किया गया था।

 

संस्थागत भवन का ऐतीहासिक महत्व

नांदेड़ और मुदखेड़ के पास कोई संस्थागत ईमारत उपलब्ध नही है।

 

किसी भी नजदीकि स्थान के इतिहास की झलक

नांदेड़  :

मराठवाड़ा क्षेत्र पूर्व में चौथी शताब्दी से हैदराबाद रियासत का हिस्सा था।

नांदेड़ जिला की स्थापना 1956 मे हुई।

सिक्खो के दसवे गुरू श्री गुरू गोविंद सिंह नांदेड़ मे 14 महीने रूके थे एवं गुरु ग्रंथ साहिबजी के रूप में ग्रंथ जोड़ने के लिए गुरु की उपाधि हस्तांतरित की।

निकटवर्ती दार्शनिक स्थल के रूप मे माता रेनुका मंदिर;माहुरद्धए दत्त एवं भगवान परशुराम मंदिरए केदारगुडा मंदिर;हदगांवद्धए प्राचीन गाईतोंड मंदिर ;पुनर्निर्मित और खोई हुई प्राचीन पहचानद्ध जोकि भगवान शिव को समर्पित है हदगांव मे स्थित है। मालेगांव यात्रा;पशु मेलाद्ध भगवान खंडोबा को समर्पित है जोकि दक्षिण भारत में सबसे बड़े में से एक है।

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हमारे बारे में

 

 

दृष्टिकोण मार्ग और मोड

केन्द्रीय प्रषिक्षण महाविद्यालय, मुदखेड़ जिला-नांदेड़ से 22 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। इसका नजदीकि रेल्वे स्टेषन मुदखेड़ जंक्सन है जोकि कैम्प परिसर से महज 1.5 किलोमीटर दूरी पर है तथा नांदेड़ रेल्वे स्टेषन से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।

 

मुदखेड़ सड़क मार्ग के माध्यम से दिल्ली, हैदराबाद, नागपुर, औरंगाबाद, बंगलुरु,मुंबई, पुणे, नासिक एवं सिरडी इत्यादि से सुगमता से जुड़ा हुआ है। नागपुर से मुदखेड़ की दूरी 329 किलोमीटर है एवं हैदराबाद से मुदखेड़ की दूरी महज 275 किलोमीटर है।

 

नांदेड़ हवाई मार्ग के माध्यम से दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जुड़ा है।

 

खेल और प्रशिक्षण के लिए सुविधाएं

प्रषिक्षण संस्थान मे सभी प्रकार के खेलकूद एवं प्रषिक्षण संबंधी बुनियादी सुविधाये उपलब्ध है।

 

जलवायु की स्थिति

 

इस प्रषिक्षण संस्थान की जलवायु अक्टूबर से फरवरी के दौरान षीतकालीन होती है जिसमे रातें हल्की ठंडी होती है एवं दिन मे सुखद गर्मी होती है। सभी प्रषिक्षुओं को प्रषिक्षण के दौरान ठंड से बचाव हेतु स्वयं के गर्म कपड़े लाने की आवष्यकता होती है।

 

इस प्रषिक्षण संस्थान मे मार्च से जून के दौरान गर्म मौसम रहता है। मार्च से अप्रैल मे दिन गर्म एवं सामान्य तापमान के साथ राते सुहावनी होती है। मई से जून के दौरान तीव्र गर्मी होती है एवं राते भी गर्म होती है। इस अवधि के दौरान तापमान 48 डिग्री सेंटीग्रेड या इससे अधिक भी रहता है। सभी प्रषिक्षुओं को सामान्य खाकी वर्दी संभव हो तो काॅटन की वर्दी लाना आवष्यक होती है।

 

सामान्य इलाके

 

यह क्षेत्र असमान पहाड़ियों, पठारों, कोमल ढलानों और घाटी के मैदानी भागो की लहरदार स्थालाकृति प्रस्तुत करती है। गोदावरी नदी इस क्षेत्र में सिंचाई का प्रमुख स्त्रोत है।

 

वनस्पति और जीव

वनस्पति- नीम, आम, बरगद, कीकर, अषोक, नारियल, जामुन, साल, सागवान।

 

2        निम्नलिखित जीव कैम्प परिसर एवं कैम्प परिसर के आसपास पाये जाते है।

पालतू जानवर- बैल, गाय, भैस, कुत्ता, बिल्ली, भेड़, खरगोस, मुर्गी, गधा, सुअर,                 बकरी।

जंगली जानवर. बंदर, काले बंदर, कुत्ते, बिल्ली, खरगोस, जंगनी सुअर, हिरण,गलहरी।

पंक्षी- तोता, मोर, कौआ, बाज, उल्लू, कबूतर, चिड़िया इत्यादि।

 

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संकाय अधिकारी/प्रशिक्षक:
						

 

प्रशिक्षण संस्थान में पदस्थापित अधिकारी/प्रशिक्षक की प्रोफाइल

 

विशेषज्ञता क्षेत्र

 

 

 

श्री. लीला धर महारानियाँ /चीफ ट्रेनिंग अफसर

 

टैक्टिक्स, फील्ड इंजीनियरिंग, काउंटर इंसर्जेंसी ऑप्स।, आईईडी, स्ट्रेस मैनेजमेंट

 

श्री पुरषोतम जोशी, डिप्यूटी कमांडेंट

टीओटी, भीड़ प्रबंधन, जीआईसी, डीटीएस, डीओटी

 

श्री. कपिल बेनीवाल डिप्यूटी कमांडेंट

 

एईटी, टीओटी, आईईडी

 

श्री. रूपेश कुमार, सहायक कमांडेंट

 

रणनीति

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पता

 

आईजीपी, सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज, सीआरपीएफ, मुदखेड, नांदेड़, जिला-महाराष्ट्र

 -431806

 

संपर्क करें

 

Contact No:- H.0.0 Landline no. 02462-275621

 

नियंत्रण कक्ष नं

.

02462-275400

 

ईमेल पता

 

E-Mail: ctcthree@crpf.gov.in

ctccrpfmkd@gmail.com

 


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