के० रि० पु० बल अकादमी के० रि० पु० बल अकादमी

निदेशक का संदेश

के.रि.पु.बल अकादमी स्थापना के पश्चात लंबी यात्रा तय की है और विकास की राह में बहुआयामी विकास किया है। वर्तमान में अकादमी में उत्कृष्ट अवसंरचना है जिसका प्रयोग प्रशिक्षु अधिकारियों और यहां विभिन्न पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले सेवा अधिकारी के चौतरफा प्रशिक्षण के विकास के लिए प्रयोग में लाया जाता हैं। अकादमी में प्रशिक्षण गतिविधियां केवल एक सिविल नागरिक को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से तंदरूस्त व्यक्ति बनाती हैं, बल्कि उनमें चरित्र निर्माण के उच्च मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना भी उत्पन्न करती हैं। इन उद्देश्यों को प्राप्त करने, व्यक्तित्व विकास, सहयोगियों के साथ संबंध, समूह निर्माण, खेलकूद, सामाजिक शिष्टाचार और सभी बातें जो कि एक अच्छे सज्जन अधिकारी बनाने के लिए आवश्यक हैं, प्रशिक्षण के दौरान उन पर जोर दिया जाता है।

अकादमी की आधारशिला 23 मार्च 2002 को रखी गई थी और यह कैम्प परिसर 308 एकड़ में हरियाली से आच्छादित है तथा इसमें एक भव्य परेड ग्राउण्ड, 1000 गज का एक फुल बोर शूटिंग रेंज (कॉमन वेल्थ गेम्स-2010 का प्रतिस्पर्घा स्थल), एक 25/50 मीटर का अल्ट्रा मॉर्डन बैफल फाइरिंग रेंज, एक भव्य प्रशिक्षण/प्रशासनिक ब्लॉक, प्रतिभागियों/प्रशिक्षुओं के लिए एक बहुमंजिला छात्रावास है। कैंप परिसर में पर्यावरण की दृष्टि से चारों ओर हरियाली है।

अकादमी का मूलमंत्र ‘‘तेजस्वी नावधीतमस्तु’’ है। इसे प्राचीन धर्मग्रंथ ‘‘कथोपनिषद’’ से लिया गया है। इसका अर्थ है ‘‘ हमारे प्रयास से प्रतिभा प्रकट हो’’।

हमारा अथक प्रयास है कि प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण और उनकी कौशल को एक साथ इस तरह विकसित करें ताकि वे फिल्ड के कार्यो में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। व्यक्ति विशेष को प्रशिक्षण देना मूलत: वर्तमान में सौंपे गए कार्यो को करने के लिए दिया जाता हैं। लेकिन हमें हमेशा यह ध्यान में रखना होगा कि प्रशिक्षण कार्य को अंतिम रूप देने का साधन मात्र है, इसके विपरीत नहीं। व्यवहार में बदलाव के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए अन्यथा संगठन और प्रशिक्षुओं के लिए अनुपयोगी है। अकादमी में हम संगठन की जरूरतों के अनुसार नए पदाधिकारियों के व्यवहार को बदलने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।

आंतरिक सुरक्षा का परिदृश्य बहुत ही जटिल हो गई है, इस चुनौती का सामना पेशेवर तरीके से करने की आवश्यकता हैं। आई.एस. के उभरते हुए चुनौतियों से निपटने हेतु बल का विस्तार किया गया तथा बल के हथियार, उपकरण और दलबल का भी आधुनिकीकरण किया गया है। के.रि.पु.बल अकादमी को इन आवश्यकताओं को पूर्ण करने के उद्देश्य से एक श्रेष्ठतम प्रशिक्षण केन्द्र बनने के लिए आवश्यक थीे।

इस अकादमी को संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में प्रथम एफ.पी.यू. एवं टी.ओ.टी. के पाठ्यक्रम कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था जिसमें 11 देशों के प्रशिक्षकों तथा 23 देशों के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया था।


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