Zone आर ए एफ सेक्टर

महानिरीक्षक का संदेशः-

द्रुत कार्य बल ने इस वर्ष 26वें वर्ष में प्रवेश किया है। देश और उसके नागरिकों की सेवा में द्रुत कार्य बल की 25 वर्ष की लंबी यात्रा ने राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का विश्वास अर्जित किया है। द्रुत कार्य बल ने स्वयं इस यात्रा में बड़ा अनुभव ग्रहण किया है और निरंतर अपनी बुनियादी योग्यता/कौशल को मजबूत किया है। राज्यों द्वारा द्रुत कार्य बल की निरंतर मांग से, विभिन्न राज्यों में संघर्ष की स्थिति को संभालने में बल की क्षमता, चपलता, बहुमुखी प्रतिभा और निर्भरता का बोध होता है।

संघर्ष के उभरते तरीके और आंतरिक सुरक्षा की मौजूदा स्थिति से स्पष्ट संकेत मिलते है कि आने वाले वर्षो में द्रुत कार्य बल के लिए अधिक चुनौतियाँ रहेंगी। आने वाले समय में अधिक जटिल और विविध भूमिकाएं निभाने के लिए द्रुत कार्य बल को बुलाया जाएगा। यह बल अक्सर प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान बचाव और राहत कार्यो के लिए एनडीआरएफ टीमों के पहुंचने से पहले अपने एओआर (उत्तरदायी क्षेत्र) में तत्काल प्रभावी भूमिका निभाता है। इसी प्रकार शहरों में उनकी परिस्थिति के अनुसार द्रुत कार्य बल की बटालियनों से आतंकवादी हमलों के दौरान अन्य बलों के आने से पहले तत्काल प्रभावी भूमिका निभाने की उम्मीद की जाती है। इसलिए इनके कार्यो को संभालने के लिए द्रुत कार्य बल को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रशिक्षित और तैयार किया जाना चाहिए।

पेशेवर कौशल का उन्नयन, उपकरण/वाहनों के उन्नयन, परिचालनिक प्रशिक्षण, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और द्रुत कार्य बल कर्मियों के उन्नमुखी व्यवहार ऐसे कुछ तत्काल प्राथमिकता वाले क्षेत्र है जिन पर द्रुत कार्य बल काम कर रहा है। साथ ही यह बल अपने प्रशिक्षण केन्द्र और बटालियनों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करके दंगा विरोधी/भीड नियंत्रण एजेंसियों को अपग्रेड करने के लिए विभिन्न सार्क देशों के पुलिस अधिकारियों और राज्य पुलिस बलों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू कर रहा है।

आने वाले समय में द्रुत कार्य बल से एक प्रभावी भूमिका निभाने की उम्मीद है, बल को न केवल उन साधन/उपकरणों पर ध्यान देना चाहिए जो उसके पास नही है बल्कि अपने पास उपलब्ध संसाधनो/उपकरणों को और भी मजबूत करना चाहिए। निस्संदेह, आज द्रुत कार्य बल के पास एक प्रमुख  दंगा विरोध नियंत्रण यूनिट के रूप में विशेषज्ञता प्राप्त करने की क्षमता और अवसर है। इसने 05 बटालियन व 01 डीआईजी रेंज अतिरिक्त जोड़कर इस दिशा में अपने प्रयास शुरू कर दिए है।


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